IT Sector में छंटनी और घटता रेवेन्यू, फिर भी CEO को करोड़ों का पैकेज!

IT Sector में पिछले साल से ही मंदी का दौर जारी है। दुनियाभर में कंपनियां लागत कम करने के लिए बड़े पैमाने पर छंटनी कर रही हैं। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा है। हजारों कर्मचारियों को उनकी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। वहीं दूसरी ओर, इन कंपनियों के टॉप मैनेजमेंट को करोड़ों रुपये का वेतन दिया जा रहा है।

कॉग्निजेंट का उदाहरण:

  • कॉग्निजेंट के सीईओ रवि कुमार सिंगसेटी को 2023 में ₹186 करोड़ (2.25 करोड़ डॉलर) का वेतन मिला।
  • यह तब है जब कंपनी का रेवेन्यू 0.3% घटकर 19.4 अरब डॉलर रह गया है।
  • सिंगसेटी को यह भारी भरकम वेतन “वन टाइम अवार्ड्स” के नाम पर दिया गया है, जिसमें परफॉर्मेंस स्टॉक यूनिट्स और कैश साइन इन बोनस शामिल हैं।
  • पिछले साल, कॉग्निजेंट के पूर्व सीईओ ब्रायन हम्फ्रीज को $42 लाख और सीएफओ जतिन दलाल को $52 लाख का वेतन दिया गया था।

अनुपात में भारी अंतर:

  • भारत में सीईओ और कर्मचारियों के बीच वेतन का अनुपात 1647:1 है।
  • इसका मतलब है कि एक सीईओ को एक कर्मचारी की तुलना में 1647 गुना ज्यादा वेतन मिलता है।
  • दुनिया में यह अनुपात 556:1 है।
  • भारत में कर्मचारियों को मिलने वाली औसत वेतन $13,735 है, जबकि दुनिया में यह $40,660 है।

कर्मचारियों में रोष:

  • हाल ही में, कॉग्निजेंट ने कर्मचारियों का वेतन वृद्धि 4 महीने के लिए टाल दिया था।
  • सीईओ के वेतन पैकेज के बारे में जानकर कर्मचारियों में रोष बढ़ गया है।
  • यह देखना बाकी है कि कंपनी इस असंतोष को कैसे संभालती है।

आईटी सेक्टर में मंदी का दौर जारी है। कंपनियां लागत कम करने के लिए छंटनी कर रही हैं, लेकिन टॉप मैनेजमेंट को भारी वेतन दिया जा रहा है। यह स्थिति कर्मचारियों में रोष पैदा कर रही है। यह देखना बाकी है कि आने वाले समय में इस स्थिति में क्या बदलाव आता है।

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